बजट 2020: व्यक्तिगत आयकर के स्ट्रक्चर में बदलाव की उम्मीद

मुंबई  । वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के पहले पूर्ण बजट में प्रोत्साहन पैकेज की घोषणा हो सकती है। नरेंद्र मोदी सरकार कंज्यूमर डिमांड को बढ़ावा देने के लिए यह कदम उठा सकती है। एक अमेरिकी ब्रोकरेज कंपनी ने सोमवार को एक रिपोर्ट में यह बात कही। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस तरह के कदम को बाजार से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिलेगी। बैंक ऑफ अमेरिका सिक्योरिटीज के विश्लेषकों के मुताबिक अगर सरकार जरूरी कदम नहीं उठाती है तो वर्तमान चक्रीय सुस्ती (Cyclical Slowdown) संरचनात्मक संकट का रूप ले सकती है। 


इकोनॉमी को पटरी पर लाने के लिए उपाय जरूरी


सीतारमण शनिवार को अपना बजट प्रस्ताव पेश करेंगी। इस बजट पर सबकी निगाहें लगी हैं क्योंकि सभी देश की आर्थिक वृद्धि की रफ्तार को पटरी पर लाने के लिए सरकार की ओर से उपायों का इंतजार कर रहे हैं। देश की GDP Growth के चालू वित्त वर्ष में गिरकर पांच फीसद पर आने का अनुमान है। ऐसा होता है तो एक दशक में वृद्धि की सबसे धीमी रफ्तार होगी। 


बैंक ऑफ अमेरिकी की रिपोर्ट में कहा गया है, ''लंबी अवधि के लिए जरूरी है कि लोग खर्च करें। कम समय के लिए ही सही लेकिन डिमांड को बढ़ावा देने वाले उपायों की दरकार है। इससे चक्रीय सुस्ती को संरचनात्मक बनने से रोकने में मदद मिलेगी।''


 आयकर में कटौती से बनेगी बात


बाजार और लोगों की नजर व्यक्तिगत आयकर और कंपनियों के लिए कर पर है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि इन उपायों में लंबी अवधि के कैपिटल गेन से जुड़ी कर प्रणाली में बदलाव, सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स एवं डिविडेंड डिस्ट्रीब्यूशन टैक्स में कमी शामिल हो सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक व्यक्तिगत आयकर के स्ट्रक्चर में बदलाव की उम्मीद है क्योंकि कम आय वाले लोगों को टैक्स में छूट से वृद्धि को बढ़ाने में मदद मिल सकती है। 


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