चीन में फंसे पाकिस्तानी तलबा का वीडियो शेयर कर अदनान ने कहा: हिंदुस्तान से कुछ सीखो

नई दिल्ली: चीन में कोरोना वायरस का क़हर बढ़ता ही जा रहा है और अब तक 300 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है और डेढ़ हज़ार के करीब मुतास्सिर बताए जा रहै हैं, ऐसे में सभी मुल्क अपने-अपने शहरियों को चीन से निकाल रहे हैं जिसमें हिंदुस्तान ने भी अपने शहरियों को चीन से निकालने की मुहिम छेड़ी हुई है लेकिन चीन में फंसे पाकिस्तानियों के लिए कोई भी मदद नहीं पहुंच रही है और वहां पर पाकिस्तानी तलबा अपने वीडियोज़ बना कर सोशल मीडिया पर शेयर कर रहे हैं जिसमें वो अपनी हुकूमत को कोस रहे हैं. इसी सम्त पाकिस्तान से आकर हिंदुस्तानी शहरी बने गुलूकार अदनान सामी ने भी अपने ट्वीटर अकाउंट पर एक वीडियो शेयर करते हुए पाकिस्तान को हिंदुस्तान से सबक़ लेने की नसीहत दी है.


सोशल मीडिया पर इस वक्त पाकिस्तान की पोल खोलने वाली कई वीडियोज़ वायरल हो रही हैं, इन वीडियोज़ में पाकिस्तानी तलबा जो चीन में पढ़ाई करने के मक़सद से गए थे, अपनी हुकूमत को कोस रहे हैं. ऐसा ही एक वीडियो अदनान सामी ने शेयर किया है जिसमें एक तालिबे इल्म अपना दर्द बयान करते हए कह रहा है कि यह बस वुहान यूनिवर्सिटी के बाहर खड़ी हुई है और यह हिंदुस्तानी सिफारतखाने की जानिब से भेजी गई है, जो हिंदुस्तानी तलबा को एयरपोर्ट लेकर जाएगी, जहां से उन्हें हिंदुस्तान भेजा जाएगा, लेकिन खुद को पाकिस्तानी महसूस कर वो परेशान था और कह रहा था कि एक हम पाकिस्तानी हैं, जो यहां फंसे हुए हैं. हमारी पाकिस्तानी हुकूमत ये कहती है कि आप ज़िंदा रहो, मरो, या आपको इंफेक्शन हो जाए, हम आपके लिए कुछ नहीं करेंगे और न ही चीन से बाहर निकालेंगे. शर्म करो पाकिस्तान, भारत के कुछ सीखो. भारत अपने शहरियों का किस तरह ख्याल रखता है.



 


अदनान सामी ने लिखा है कि मुस्लिम अपनी पूरी ज़िंदगी भारत के लिए ईमानदारी साबित करने में गुज़ारेंगे. ब्ला-ब्ला-ब्ला. पाकिस्तानी मुसलमानों का क्या फायदा जब हुकूमत अपने शहरियों के साथ फेंके गए कचरे की तरह सलूक करती है. यह शर्मनाक है.


बता दें कि पाकिस्तान ने अपने शहरियों को चीन से निकानले के लिए अच्छ बहाना बनाया है, पाकिस्तान का कहना है कि हम चीन के साथ अपने रिश्तों में कोई खटास पैदा नहीं करना चाहते और ना ही ये ज़ाहिर करना चाहते है कि हमारे शहरी चीन में ग़ैर महफ़ूज़ हैं अगर हम अपने शहरियों को चीन से बाहर निकालेंगे तो चीन को यह पैग़ाम जाएगा कि हमारे शहरी वहां महफूज़ नहीं हैं.