सेना का सम्मान कब सीखेंगे राहुल गांधी? पहले भी उठा चुके हैं सेना के शौर्य पर सवाल

आज पुलवामा  हमने की बरसी है. इस हमले में हमने ठीक एक साल पहले 40 जांबाज जवानों को खो दिया है. इस मौके पर पूरे देश का माहौल भावपूर्ण है लेकिन  राहुल गांधी इस मौके पर भी अपनी राजनीति चमकाने से बाज नहीं आ रहे. उन्होंने पुलवामा हमले को भी सियासत के तराजू में नफा-नुकसान के आधार पर तौल दिया।  सेना के सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाने वाले राहुल गांधी ने आज पुलवामा हमले पर सवाल उठा दिया. उन्होंने ट्वीट कर तीन सवाल पूछे हैं. राहुल ने पूछा कि 1. इस हमले से सबसे ज्यादा किसको फायदा हुआ? 2. इस हमले की जांच का निष्कर्ष क्या निकला? 3. बीजेपी की सरकार में सुरक्षा में हुई चूक के लिए किसे जिम्मेदार ठहराया गया?

















कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी पहले कई बार सेना के शौर्य का अपमान कर चुके हैं. इसलिए सेना का अपमान राहुल के लिए नई बात नहीं है लेकिन राहुल ने आज के दिन फिर सेना के शौर्य पर सवाल उठाया है जब पूरा देश पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि देने में लगा हुआ है. 


ऐसा नहीं है राहुल गांधी ने पहली बार सेना पर सवाल उठाए हैं. इससे पहले भी वो सेना के शौर्य पर सवाल उठाते रहे हैं. अक्टूबर 2016 में उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाया कहा कि जिन्होंने हिंदुस्तान के लिए सर्जिकल स्ट्राइक की, उनके खून के पीछे छिपे हैं, उनकी आप दलाली कर रहे हो. दिसंबर 2018 में उन्होंने मोदी पर सेना के निजी फायदे का आरोप लगाया और कहा मिस्टर 56 सेना को निजी संपत्ति समझते हैं, सेना को निजी फायदे के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं. 1 दिसंबर 2018 को उन्होंने सेना के सियासी इस्तेमाल का आरोप लगाया. राहुल ने कहा कि उत्तर प्रदेश के चुनाव में हार से बचने के लिए मोदी ने सेना को राजनीतिक संपत्ति बना दिया. फरवरी 2019 में जब पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि दी जा रही थी वो उस वक्त मोबाइल फोन पर बिजी थी. इसके बाद जून 2019 जब संसद में राष्ट्रपति का अभिभाषण चल रहा था उस समय 
संसद में राहुल गांधी ने सेना के शौर्य का अपमान किया. सेना की तारीफ पर सोनिया गांधी को मेज थपथपाने से रोका. 

















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