विपक्ष के जबर्दस्त हंगामे के कारण राज्य सभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित

नयी दिल्ली। नागरिकता (संशोधन) कानून के मुद्दे पर विपक्ष के जबर्दस्त हंगामे के कारण तीन बार के स्थगन के बाद राज्यसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।


सदन की कार्यवाही शुरू होने पर नियमित कामकाज निबटाने के बाद सभापति ने सदन को बताया कि उन्हें नियम 267 के तहत कार्यस्थगन प्रस्ताव के सम्बंध में नोटिस मिले हैं लेकिन उसे मंजूर नहीं किया जा सकता। इस पर विपक्षी सदस्य भड़क गए और उन्होंने न तो शून्यकाल होने दिया और न प्रश्नकाल और सदन की कार्यवाही भोजनावकाश के लिए स्थगित कर दी गई। भोजनावकाश के बाद सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो विपक्ष ने फिर हंगामा शुरू किया और तीन बजे तक के लिए सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।


तीन बजे सदन कार्यवाही शुरू हुई तो कांग्रेस, तृणमूल, माकपा, भाकपा आदि दलों के सदस्य सभापति के आसन के पास पहुंच कर नारेबाजी करने लगे। उप सभापति हरिवंश ने शोर शराबे में भाजपा के भूपेंद्र यादव को फिर धन्यवाद प्रस्ताव शुरू करने को कहा। उन्होंने हंगामा करने वालों से अनुरोध किया कि वे राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नागरिकता (संशोधन) कानून का मुद्दा उठा सकते हैं लेकिन विपक्षी सदस्य नहीं माने और हंगामा करते रहे। श्री यादव श्री हरिवंश से कहते रहे कि इस मसले पर सदन के नेता और सदन में विपक्ष के नेता की राय सुन ली जाए लेकिन विपक्षी सदस्यों का हंगामा जारी रहा। अंत मे शोर शराबे को देखते हुए 10 मिनट के भीतर श्री हरिवंश ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी।

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