योगी सरकार का बजट 5 लाख करोड़ के पार, राम नगरी अयोध्या पर मेहरबानी अपार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का चौथा बजट पेश हो गया है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने विधानसभा में बजट पेश किया. यह बजट 5 लाख 12 हजार 860 करोड़ 72 लाख का है, जो यूपी के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट है. बजट में धार्मिक नगरियों पर भी खास ध्यान दिया गया है।


योगी आदित्यनाथ सरकार ने वित्तीय वर्ष 2020-21 का बजट पेश कर दिया है. सरकार ने 5 लाख 12 हजार 860 करोड़ 72 लाख रुपये का बजट पेश किया है. पिछले वित्तीय वर्ष 2019-20 के मुकाबले यह बजट 33 हजार 159 करोड़ रुपये ज्यादा है. वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने यूपी के इतिहास का सबसे बड़ा बजट पेश किया है. 


बजट में 10 हजार 967 करोड़ 87 लाख की नई योजनाएं शामिल की गई हैं. बजट पेश करते हुये वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने योगी सरकार के पिछले कार्यकाल के दौरान किये गये विकास कार्यों की जानकारी दी. साथ ही उन्होंने अपनी सरकार की प्राथमिकताओं का भी जिक्र किया. विकास के प्रति योगी सरकार की प्रतिबद्धता का जिक्र करते हुए सुरेश खन्ना ने ये पंक्तियां पढ़ीं, 'गैर परों से उड़ सकते हैं, हद से हद की दीवारों तक, अंबर तक तो वही उडे़ंगे, जिनके अपने पर होंगे.'


धार्मिक स्थलों पर फोकस


अयोध्या में पर्यटन के लिहाज से हाई लेवल सुविधाओं के विकास के लिए 85 करोड़ की व्यवस्था की गई है. साथ ही अयोध्या एयरपोर्ट के लिये 500 करोड़ दिये जायेंगे. जबकि तुलसी स्मारक भवन के लिए 10 करोड़ की व्यवस्था हुई है.  यानी बजट राम नगरी अयोध्या के लिये करीब 600 करोड़ की व्यवस्था की गई है.


इसके अलावा वाराणसी में संस्कृति केंद्र की स्थापना के लिए 180 करोड़ दिये गये हैं. वहीं, पर्यटन इकाई के प्रोत्साहन के लिए 50 करोड़ की व्यवस्था है. गोरखपुर के रामगढ़ ताल में वाटर स्पोर्ट्स के लिए 25 करोड़ रुपये की व्यवस्था है. जबकि काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए 200 करोड़ रुपये दिये जायेंगे.


मेरठ, गाजियाबाद, फिरोजाबाद, अयोध्या, गोरखपुर, मथुरा-वृंदावन और शाहजहांपुर को स्मार्ट सिटी के रूप में विकसित किया जायेगा।