आँख की फुंसी गुहेरी का उपचार

आँख की फुंसी गुहेरी का उपचार –


आँख की फुंसी जिसे अंग्रेजी में Eye Sty  कहते है , आँख की पलकों पर बाहर की तरफ या अंदर की तरफ हो जाती है । ज्यादातर यह फुंसी बाहर की तरफ होती है। आम बोलचाल में इसे गुहेरी Guheri कहते है। इसे आँख में बिलनी  aankh me Bilni  के नाम से भी जाना जाता है।


इस फुंसी में दर्द होता है , सूजन होती है। पलक झपकाना मुश्किल हो जाता है। कई बार इससे आँख में खुजली या जलन भी होती है। तेज रोशनी से दिक्कत होने लगती है। फुंसी के बीच पीले रंग में पस भी नजर आ सकता है। फुंसी से कुछ पानी भी निकल सकता है।


गुहेरी आँख में फुंसी होने का कारण –


आँख की पलक में छोटी छोटी तेल ग्रंथियां होती है। यह ग्रंथियां डेड स्किन , धूल मिट्टी , या काजल आदि के कारण बंद हो जाती है। इसके कारण वहाँ बेक्टिरिया पैदा हो जाते है। इस वजह से  सूजन होने लगती है। यह एक फुंसी का रूप ले लेती है। यही आंख की गुहेरी होती है। साधारणतया सात आठ दिनों में ये ठीक हो जाती है। ये बढ़े नहीं इसका ध्यान रखना चाहिए।



हार्मोन के बदलाव , तनाव और साफ सफाई का ध्यान नहीं रखने के कारण भी आँख में फुंसी हो सकती है। एक बार में एक या एक से अधिक फुंसी भी ही सकती है


आँख की फुंसी गुहेरी का घरेलु इलाज – 


—  गर्म पानी में साफ सूती कपड़े को भिगोकर नीचो लें। इससे गुहेरी की सिकाई करें। दिन में तीन चार बार इस प्रकार सिकाई करने से बहुत आराम मिलता है। सुजन और दर्द कम हो जाते है।


—   इमली  के बीज को दो दिन तक पानी में भिगोकर छिलका निकाल दें। इस छिलका निकले हुए इमली के बीज की गिरी को चंदन की तरह घिस कर गुहेरी ( eye sty ) पर लगाएं। इससे आश्चर्य जनक फायदा होता है । इससे आँख की फुंसी ( aankh ki funsi) ठीक हो जाती है।


—  सीधे हाथ की तर्जनी अंगुली बाईं हथेली पर तेजी से घिसें । गर्म होने पर अंगुली फुंसी पर रखें।


यह क्रिया बार बार ( 15 -20 बार ) करने से आँख में फुंसी ठीक हो जाती है। दिन में चार पांच बार इसे करें।


—  गर्म पानी में थोड़ी हल्दी मिलाकर इस पानी से कपड़े की मदद से सिकाई करने से आँख फुंसी ठीक होती है।


—  ग्वारपाठे  Aloe Vera  का गूदा फुंसी पर दिन में तीन चार बार लगाने से गुहेरी का दर्द व सूजन मिटकर गुहेरी ठीक हो जाती है।


—  एक कप पानी में अमरुद के चार पाँच पत्ते डालकर उबाल लें। गुनगुना रहने पर इस पानी में साफ कपड़ा भिगोकर इससे सिकाई करें।


दिन में दो तीन बार इस प्रकार सिकाई करने से आँख की फुंसी ठीक होती है।


—  बार बार आँख पर फुंसी हो जाती हो तो त्रिफला चूर्ण आधा चम्मच सुबह शाम एक सप्ताह तक दूध के साथ लें। आँख पर फुंसी होना बंद हो जायेगी । त्रिफला चूर्ण की सम्पूर्ण जानकारी के लिए यहाँ क्लीक करें।


—  गुप्तांग की सफाई नहीं करने पर भी आँख पर बार बार फुंसी हो जाती है। अतः गुप्तांग को नहाते वक्त अच्छे से धोकर साफ करना चाहिए। लिंग के अगले हिस्से शिश्न मुंड Penis head की स्किन के नीचे की सफाई विशेष कर जरुरी होती है। शिश्न मुंड की सफाई नहीं करने से स्वप्नदोष भी हो सकता है तथा शीघ्रपतन की समस्या भी हो सकती है।


—  आँख की फुंसी ( eye sty ) को मसलना नहीं चाहिये। फुंसी को फोड़ने या पस निकालने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिये। मसलने या फोड़ने से इन्फेक्शन होकर समस्या बढ़ सकती है।


—  फुंसी ( eye sty ) को आँख के मेकअप जैसे मस्कारा , आई लाइनर , आई शेडो आदि से छुपाने की कोशिश नही करनी चाहिये । मेकअप के सामान से इन्फेक्शन बढ़ सकता है। पुराना हो चुका आँख के मेकअप का सामान भूल कर भी काम में ना लें।


—  आँख में फुंसी होने पर कांटेक्ट लेंस नहीं पहनने चाहिए। लेंस की बजाय चश्मा काम में लेंना चाहिये । आराम रहेगा।


—  तीन महीने से ज्यादा पुराना आँखों के मेकअप का सामान यूज़ नहीं करना चाहिये। ये इन्फेक्शन की वजह बन सकता है।
 
—  मानसिक तनाव गुहेरी का कारण हो सकता है। एग्जाम के समय छात्रों  को अकसर ये परेशानी हो जाती है। टेंशन करने के बजाय अपने दिमाग की ताकत बढ़ाने की कोशिस करनी चाहिए।  दिमागी ताकत बढ़ाने के घरेलु नुस्खे के लिए  यहाँ क्लीक करें। रिलैक्स होना सीखें। खुशहाल रहना सीखें।



आँखों की बेहतरीन एक्सर साइज 



आँखों की एक्सरसाइज ankho ki exercise करने पर लोग ध्यान नहीं देते जबकि यह बहुत आवश्यक है। आँखों की परेशानी का सबसे बड़ा कारण आँखों की बाहरी पेशियों पर तनाव पड़ना होता है।


इस तनाव को कम करने के लिए आँखों की एक्सरसाइज या कसरत ankho ki exercise की जाती है ।



 नियमित रूप से आंखों की एक्सरसाइज eyes exercise करने से आँखों की मांसपेशियां और आँखों के स्नायु तंत्र मजबूत होते है और आँखें लम्बे समय तक सही तरीके से काम करती हैं।


आँखें सुन्दर व स्वस्थ बनी रहती  है। ये बहुत ही आसान है सीखिए आँखों की एक्सरसाइज कैसे करें।


आँखों की एक्सरसाइज करने का तरीका – Eyes Exercise


—  सीधे खड़े हों जाएँ।


पहली आँखों की एक्सरसाइज 


गर्दन को स्थिर रखते हुए आँखों की पुतली को धीरे धीरे दाएं ले जायें जितना ज्यादा आसानी से ले जा सकते हो , जोर ना डालें।


फिर धीरे धीरे बाएं ले जाये , इसके बाद वापस दाईं तरह।


इस प्रकार से चार बार पुतली को दाएं और बाएं घुमाएँ ।


अब आँखें बंद करके दो मिनट आँखों को विश्राम दें ।


Exercises-for-Eyes
दूसरी आँखों की एक्सरसाइज 
गर्दन को स्थिर रखते हुए पुतलियों को धीरे धीरे ऊपर ले जाएँ छत की तरफ देखें।
फिर धीरे धीरे नीचे ले जाएँ फर्श की तरफ देखें फिर ऊपर ले जाएँ इस तरह चार बार ऊपर नीचे चलाएं ।


इसके बाद आँखें बंद करके दो मिनट आँखों को विश्राम दें ।


Eyes Exercises
तीसरी आँखों की एक्सरसाइज 
गर्दन को स्थिर रखते हुए पुतलियों को ऊपर ले जाएँ फिर दायीं तरफ गोलाकार क्लॉक वाइज घुमाते हुए एक सर्कल बनायें


फिर पुतलियों को बाईं और एंटी क्लॉक वाइज घुमाते हुए एक सर्कल बनायें।
इस तरह दोनों तरफ चार बार घुमाएँ।
अब आँखें बंद करके दो मिनट आँखों को आराम दें।


चौथी आँखों की एक्सरसाइज 


हथेलियों से आँखों को दो मिनट इस प्रकार ढक दें की जरा भी रौशनी आँखों तक नहीं पहुंचे।
आँखों पर दबाव बिल्कुल नहीं पड़ना चाहिए।
आँखों और दिमाग को ढ़ीला छोड़ दें।
पूरा विश्राम करें। इसे पामिंग कहते है।
दिन में तीन चार बार पामिंग करें।


पाँचवी आँखों की एक्सरसाइज 
अंगूठे को अपने सामने लगभग 10 इंच की दूरी पर सीधा रखें।
अंगूठे के ऊपरी हिस्से पर देखें।
अब अंगूठे के पीछे पंद्रह बीस फुट दूर स्थित किसी भी चीज को देखें।
वापस अंगूठे को देखें।
इस तरह आठ दस बार नजर पास और दूर केंद्रित करें।
इसके बाद एक बार पामिंग करके वापस अंगूठे को और आगे देखना दोहराएँ ।



छठी आँखों की एक्सरसाइज 
काम करते समय बीच में रुक कर दस बार पलकों को जल्दी जल्दी झपकाएं।
इससे थकान मिटेगी।
आँखे गीली और चमकदार बनी रहेगी।


सातवीं आँखों की एक्सरसाइज 
हँसे और मुस्कराएँ। इससे आँखों में एक विशेष मुग्ध कर देने वाली चमक पैदा होती है।



आँखों के नीचे काले घेरे मिटाने के घरेलु उपाय – 



आँखों के काले घेरे  Dark Eye Cicle का मतलब है आँखों के आस पास की स्किन का रंग अपेक्षाकृत अधिक गहरा होना । यह अंडर आई सर्कल Under eye circle डार्क रिंग Dark rings या डार्क शेडो Dark shadow भी कहलाते हैं।


आँखों के आसपास की त्वचा बहुत कोमल और सेंसिटिव होती है। इसी वजह से यहाँ शारीरिक और मानसिक अवस्था का असर तुरंत दिखाई देने लगता है। तेज धूप और अन्य प्राकृतिक चीजों के कारण भी आँखों के पास की स्किन गहरी हो सकती है। ये पुरुष और महिला दोनों को हो सकते है तथा किसी भी उम्र में हो सकते हैं।


आँखों के काले घेरे घरेलु उपाय
आँखों के नीचे काले घेरे होने पर चेहरा निस्तेज , बुझा-बुझा और बीमार नजर आता है तथा इनके कारण उम्र अधिक नजर आती है। अतः ध्यान रखना चाहिए। थोड़ा भी ऐसा लगे तो उपचार कर लेना चाहिए अन्यथा अधिक बढ़ने के बाद इनका मिटना मुश्किल हो सकता है।


डार्क आई सर्कल मिटाने के घरेलु उपाय अपनाकर इनसे मुक्ति पाई जा सकती है। यहाँ आँखों के पास काली या गहरी हुई स्किन को ठीक करने के तरीके बताये गए हैं। इनका उपयोग करके काले घेरे की समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।


आँखों के नीचे काले घेरे होने के कारण – 
डार्क आई सर्कल के कई कारण हो हैं जिनमें सामान्यतया ये कारण अधिक होते हैं –


—  अनुवांशिकता —  मानसिक तनाव —  नींद पूरी नहीं हो पाना  —  हार्मोन का बदलाव —  दिनचर्या बिगड़ना —  तेज धूप —  उम्र का प्रभाव —  ड्राई स्किन —  पौष्टिक भोजन नहीं लेना —  शरीर में आयरन या विटामिन आदि की कमी होन —  लम्बे समय से बीमार होना


आँखों के पास काले घेरे मिटाने के घरेलु नुस्खे


सुबह की बासी लार नियमित लगाये
आयुर्वेद चिकित्सा शास्त्र के अनुसार सुबह की बासी लार को जो इंसान जीवन भर काजल की तरहः लगाए उसे नेत्र के रोग नही होते और अगर है और आप आज से ही सेवन करते हैं तो मिट जाते हैं।


बादाम का तेल –  Almond oil


बादाम का तेल आँखों के नीचे की मुलायम त्वचा के लिए फायदेमंद होता है। नियमित रूप से बादाम का तेल लगाने से रंग हल्का होता है। इसके साथ विटामिन E का उपयोग करने से अधिक लाभ हो सकता है।
इसके लिए सोते समय हल्के हाथ से बादाम के तेल की डार्क सर्कल पर मसाज करें। सुबह ठन्डे पानी से धो लें। यह प्रयोग सर्कल के घेरे हल्के होने तक प्रयोग करें।


ककड़ी – cucumber
ककड़ी में त्वचा का रंग हल्का करने का गुण होता है। इसमें कोमल एस्ट्रिंजेंट होता है। इससे त्वचा रिफ्रेश हो जाती है। इसके लिए


—  ककड़ी की एक स्लाइस आधा घंटा फ्रिज में रखकर ठंडी कर लें। इसे दस मिनट के लिए अपनी आँखों पर रख लें। इसके बाद सादा पानी से धो लें। दिन में दो बार यह करें।  इसे नियमित 12 -15  दिन तक करें।


—  दूसरा तरीका यह है कि बराबर मात्रा में ककड़ी का रस और नींबू का रस मिला लें। इसे अपनी गहरी त्वचा पर कॉटन की मदद से लगा लें। 10-15 मिनट लगा रहने दें फिर सादा पानी से धो लें। एक सप्ताह तक नियमित इसे करने से अंडर आई डार्क सर्कल हल्के हो जाते हैं।


कच्चा आलू – Raw potato


कच्चे आलू में प्राकृतिक रूप से ऐसे तत्व होते हैं जो त्वचा का रंग साफ करते हैं। आँखों के काले घेरे भी इससे हल्के हो सकते हैं।


इसके लिए कच्चे आलू को कददू कस करके रस निकाल लें। रस कॉटन की मदद से आँखे बंद करके आँख के चारों तरफ लगा लें। 10- 15 मिनट लगा रहने दें फिर पानी से धो दें। दो सप्ताह तक दिन में दो बार इसे लगाने से काले घेरे सामान्य हो जाते हैं।


आलू के रस की जगह कच्चे आलू की स्लाइस आँख पर रखने से भी डार्क आई सर्कल हल्के पड़ जाते हैं।


 


गुलाब जल – Rose water


गुलाब जल में त्वचा को स्वस्थ और सुन्दर बनाने के  गुण होते हैं। यह थकी हुई अंधियारी सी आँखों को ताजा कर देता है। यह एक स्किन टोनर की तरह काम करता है।


गुलाब जल में रुई भिगोकर आँखों पर रख लें। इसे 15 मिनट लगा रहने दें। फिर पानी से धो लें। कुछ सप्ताह तक नियमित दिन में दो बार इस तरह गुलाब जल लगाने से थकान के कारण होने वाले आँखों के काले घेरे मिट जाते हैं।


टमाटर -Tomato


टमाटर हमेशा घर में उपलब्ध रहता है। यह सब्जी भी है और फल भी। टमाटर खाने के तो अनगिनत फायदे हैं ही। इस त्वचा के लिए भी काम में लिया जा सकता है। टमाटर में नेचुरल ब्लीचिंग की खूबियाँ होती हैं।


एक चम्मच टमाटर का रस और आधा चम्मच नीबू का रस मिला लें। इसे काले घेरों पर हल्के से लगा लें। दस मिनट लगा रहने दें फिर पानी से धो लें। दिन में दो बार कुछ सप्ताह तक इसे लगायें और फर्क देखें।



नींबू का रस – Lemon juice


नींबू के रस में मौजूद विटामिन C के कारण यह आँखों के काले घेरे हल्के करने में सहायक होता है। क्योंकि नींबू का रस स्किन साफ करता है।


इसके लिए नींबू का ताजा रस निकालें। इस रस को कॉटन की मदद से काले घेरों पर लगायें। 10 मिनट लगा रहने दें। फिर धो लें। कुछ सप्ताह दिन में एक बार नियमित रूप से करें।


दूसरा तरीका यह है कि – एक चम्मच नींबू का रस , दो चम्मच टमाटर का रस , चौथाई चम्मच बेसन , और चुटकी भर हल्दी पाउडर मिला लें। यह गाढ़ा पेस्ट कोमलता से आँखों के चारों तरफ लगा लें। ऑंखें बंद रखें। 10 -15 मिनट बाद पानी से धो लें। इसे सप्ताह में दो या तीन बार करें।


नींबू के रस से जलन ज्यादा हो तो इसे ना लगायें।


हरी चाय पत्ती – Green Tea leaf


आजकल ग्रीन टी का चलन बहुत हो गया है। इसके बहुत से फायदे हैं। ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट की मात्रा अधिक होती है। इसका उपयोग आँख के काले घेरे कम करने के लिए इस प्रकार करें –


ग्रीन टी को गर्म पानी में डालें। पांच मिनट बाद छान कर कुछ देर फ्रिज में रखकर ठंडा कर लें। इसमें कॉटन भिगोकर आँख 10 -15 मिनट पर रखें। नियमित रूप से ऐसा करने से  आँख के पास काली पड़ी स्किन ठीक हो जाती है।


ठंडा दूध  – Cold milk


दूध त्वचा को साफ और मुलायम बनाने के लिए कई प्रकार से काम लिया जाता रहा है। उबटन आदि में भी दूध मलाईका प्रयोग किया जाता है। आँखों को तरोताजा करने के लिए ठंडा दूध का उपयोग ऐसे करें –


ठन्डे दूध में कॉटन भिगोकर आँख पर रखें। 10 -15 मिनट रखने के बाद सादा पानी से धो लें। दिन में दो बार कुछ सप्ताह तक ऐसा करने से आँख के पास की काली त्वचा गोरी हो जाती है।


संतरे का रस – Orange juice


संतरे के रस में ग्लिसरीन मिलाकर आखों के आस पास लगा लें। 10 -15 मिनट बाद धो लें। इससे डार्क सर्कल भी ठीक होते हैं और आँखों में एक नई चमक आ जाती है।



पोदीने की पत्तियाँ – Mint Leaves


पोदीने की पत्तियां पानी के साथ पीस कर पेस्ट बना लें। यह पेस्ट आखों के पास वाली त्वचा पर लगा लें। 10 -15 मिनट बाद धो लें। इसे रात को सोने से पहले नियमित कुछ दिन करें। इससे काले घेरे मिटते हैं।



दही हल्दी – Curd haldi


एक चम्मच दही में चुटकी भर हल्दी मिलाकर आँखों के पास लगाकर रखें। 10 मिनट बाद पानी से धो लें। धूप के कारण आँखों के नीचे काले घेरे  Under Eye dark circle बने हो तो यह उपचार अच्छा काम करता है।


आँखों के पास स्किन का रंग गहरा होने से बचाने के उपाय


—  आँखों को तेज धूप से बचायें।  धूप में बाहर निकलें तो सनस्क्रीन , गॉगल , कैप आदि का उपयोग करें।


—  देर रात तक नहीं जागें । समय पर सोयें और समय से उठें।


—  आयरन या खून की कमी ना हो इसका ध्यान रखें। पालक , चुकंदर , गाजर , एपल , केला आदि नियमित रूप से खायें।


—  मानसिक तनाव , गुस्सा आदि से बचने के लिए योग , प्राणायाम आदि सीख कर इनका अभ्यास करें।


— अपनी दिनचर्या सही रखें।


—  कंसीलर या फाउंडेशन जैसे मेकअप की मदद से भी काले घेरे छुपाये जा सकते हैं।


मोतियाबिंद की परेशानी और इससे छुटकारा – 


मोतियाबिंद Cataract की समस्या सामान्यतया 55  वर्ष या अधिक उम्र में होती है। यदि इस उम्र में आँखों से अजीब सा धुंधलापन दिखाई दे 
यह मोतियाबिंद हो सकता है। इसे आँखों में जाला आना या सफ़ेद मोतिया भी कहते हैं। विश्वभर में आँखों की रोशनी जाने का यह मुख्य कारण है। शुरू में ऐसा लग सकता है कि शायद चश्मे का नंबर बढ़ गया है इसलिए दिक्कत हो रही है।
मोतियाबिंद
चश्मे की वजह से धुंधला दिखना और मोतियाबिंद की वजह से धुंधला दिखाई देने में फर्क होता है। जो इस प्रकार है –
—  मोतियाबिंद में आंख के लेंस से रोशनी पार नही हो पाती लेंस पर एक परत सी चढ़ जाती है । जबकि चश्मे में आँख के लेंस से रोशनी पार ह जाती है लेकिन उसका फोकस सही जगह नहीं पड़ता।


—  बाहर से देखने पर आँख के लेंस पर सफेदी सी दिखाई पड़ती है। नंबर बढ़ने पर यह सफेदी नहीं दिखती , लेंस साफ दीखता है।
—  नंबर बढ़ने पर सिरदर्द हो सकता है। मोतियाबिंद के कारण सिरदर्द सामान्यतया नहीं होता है।


मोतियाबिंद के लक्षण – Cataract Symptom


मोतियाबिंद होने पर धुंधला दिखाई देना , वस्तुएँ पीली और अस्पष्ट या विकृत सी दिखाई देने लगती हैं। धूप , तेज रोशनी सहन नहीं होती।
रात के समय या कम रोशनी में दिखने में परेशानी होती है तथा रंग बदरंग से नजर आने लगते हैं। चमकदार रोशनी के चारों ओर छल्ले जैसे दिखने लगते हैं। मोतियाबिंद के कारण पर सिरदर्द , आँख से आंसू या आँख में जलन आदि तकलीफें नहीं होती हैं ।
मोतियाबिंद का इलाज ऑपरेशन है जिसमे आँख में से पुराना प्राकृतिक लेंस निकाल कर नया कृत्रिम लेंस लगा दिया जाता है।


मोतियाबिंद के कारण – 
मोतियाबिंद ज्यादातर अधिक उम्र के कारण होता है। एक उम्र के बाद लगभग 40 % लोगों को यह हो जाता है। उम्र के अलावा अन्य कारण
ये हो सकते हैं – —  आँख में चोट —  जन्मजात आँख में मोतियाबिं —  दूसरी परेशानी के लिए आँख का ऑपरेशन —  डायबिटीज  —  धूम्रपान —  हवा में अधिक प्रदुषण —  धूप में अधिक समय बिताना
—  अधिक शराब का सेवन —  कुछ विशेष प्रकार के रेडिएशन


मोतियाबिंद बहुत धीरे धीरे बढ़ता है। शुरू में पता ही नहीं चलता , जब यह रोशनी को बाधित करना शुरू कर देता है तब पता चलता है।


मोतियाबिंद का ऑपरेशन – 


 मोतियाबिंद का ऑपरेशन cataract Surgery कब कराना चाहिए यह आँख के कारण होने वाली समस्या पर निर्भर करता है। यदि
डाक्टर तुरंत ऑपरेशन कराने के सलाह नहीं दे तो जब भी आपको लगे आँख के कारण दिखने में परेशानी ज्यादा होने लगी है तब यह ऑपरेशन करवाया जा सकता है।


यह ऑपरेशन बहुत सफल ऑपरेशन है। इसमें सर्जन डॉक्टर पुराना लेंस निकालकर नया कृत्रिम लेंस लगा देते हैं। इसमें उच्च तकनीक से ऑपरेशन किया जाता है जिसमे टांके भी नहीं लगाए जाते है। सामान्य तौर पर एक दिन में हॉस्पिटल से छुट्टी मिल जाती है। रिकवरी बहुत जल्द और आसानी से होती है। ऑपरेशन के बाद में चेकअप के लिए बुलवाया जा सकता है। 95 % लोग यह ऑपरेशन कराने के बाद बहुत संतुष्ट नजर आते है। साफ दिखाई देने की खुशी चेहरे पर झलकती है।


आँख की जाँच कब करानी चाहिए –


आँख में मोतिया बिंद या कालापानी ( ग्लूकोमा ) का जल्दी से पता नहीं लग पाता है। एक उम्र के बाद इनके होने की संभावना बढ़ जाती है।
इसलिए आँखों के डॉक्टर से आँख की जाँच नियमित रूप से करवाते रहना चाहिए। यदि परिवार की किसी सदस्य को यह परेशानी है तो जाँच और भी जरुरी हो जाती है।


वैसे तो एक वयस्क व्यक्ति को दो वर्ष के अंतराल से आँखों की जाँच करवा लेनी चाहिए लेकिन 50  वर्ष की उम्र के बाद साल में एक बार आँखो की जाँच करवा लेनी चाहिए और यदि डायबिटीज जैसी बीमारी हो तो जाँच अधिक बार करवा लेना ठीक होता है।


आँखों के लिए घरेलु उपाय 


आँखों के लिए घरेलु नुस्खे और उपाय अपनाकर आँखों को स्वस्थ और सुन्दर रखा जा सकता है। आँखों का ध्यान रखने पर आँखें जीवन भर आपका साथ दे सकती हैं। आँख दिमाग के बाद शरीर की सबसे जटिल संरचना है।
आँखों से देखने समझने की प्रक्रिया इतनी जटिल है की दिमाग का लगभग आधा हिस्सा इसमें जुटा रहता है। आँख का लगभग सिर्फ 15 % हिस्सा हमें दिखाई देता है बाकि हिस्सा अंदर की तरफ होता है। प्रकृति ने आँखों की सुरक्षा के लिए पूरी व्यवस्था की है।
पलकें आँख की सुरक्षा का महत्त्वपूर्ण हिस्सा है। पलक झपकने में एक सेकंड का भी दसवाँ हिस्सा लगता है। ये शरीर की सबसे फुर्तीली मांसपेशी है। बरौनियां ( Eye Leshes ) भी आँख की सुरक्षा से जुड़ी है।
दुनिया का कोई भी कैमरा कुदरत के इस शानदार कैमरे का मुकाबला नहीं कर सकता । जो प्रकृति का हर सुन्दर रंग , आकार , बनावट , दूरियां , नजदीकियाँ , गहराइयाँ , भावनाएं आदि हर चीज़ को हर कोण ( Angle ) से हमें दिखाने में सक्षम हैं।
इस खूबसूरत दुनिया को देखने के अलावा आँखों का हमारे चेहरे की सुंदरता को बढ़ाने में भी बड़ा योगदान होता है। जब प्रकृति ने हमे इतना अनमोल उपहार दिया है तो हमें इसे सहेजना चाहिए और उसका दुरूपयोग नहीं करना चाहिए। थोड़ी सी सावधानी और देखभाल करके हम इसका उम्र भर आनंद उठा सकते है।
आजकल कम्प्यूटर और मोबाइल का उपयोग बहुत बढ़ गया है। इसकी वजह से कंप्यूटर विजन सिंड्रोम नामक बीमारी भी बहुत बढ़ गई है।
आँखों की 80 % समस्या से बचा जा सकता है या ये ठीक  हो सकती है। इसके लिए हमें आँखों को स्वस्थ रखने के तरीकों की जानकारी अवश्य होनी चाहिए । आँखों के लिए क्या खाएँ , क्या ना खायें। किस प्रकार की सावधानी रखनी चाहिए ।
स्वस्थ और सुन्दर आँखों के लिए क्या करें। क्या आँखों की एक्सरसाइज होती है। जानिए ये सब और आँखों के लिए घरेलु नुस्खे जिनसे आँखें तेज होती है।
आँखे स्वस्थ रखने के घरेलु उपाय –
—  सुबह मुँह में पानी भरकर आँखों पर (आँखें बंद करके ) ठण्डा  पानी छिड़कें। इसे दिन में या शाम को जब भी आँखें थकी हुई महसूस हो तब कर सकते है। इससे आँखों में ताजगी आ जाती है।
—  100 ग्राम बादाम भिगोकर छिलका निकाल दें और क़तर लें ( Flacks ) , 50 ग्राम कतरी हुई अखरोट गिरी  , 50 ग्राम किसा हुआ नारियल , 250 ग्राम मिश्री , 250 ग्राम सौंफ इन सबको मिलाकर रख लें।
रोजाना खाना खाने के बाद चार चम्मच इसमें से लेकर अच्छे से चबा चबा कर खा लें। दो महीने लगातार खाने से आँखें तेज , निरोग , सुन्दर हो जाती है। शानदार प्रयोग है।badam—  नियमित रूप से आँखों की एक्सरसाइज करनी चाहिए। आँखों की एक्सरसाइज सीखने के लिए क्लीक करें और पढ़ें — आँखों की 7 बेहतरीन एक्सर साइज . इसमें बहुत कम समय लगता है और कभी भी कर सकते है।
—  धूल , धुआँ और तेज रौशनी से आँखों को बचाएँ।
—  सिर धोने के लिए या चेहरा धोने के लिए अधिक गर्म पानी का उपयोग ना करें।
—  गाजर , लाल टमाटर , आम , पपीता , केला ,  संतरा ,  दूध  , खजूर , पत्ता गोभी  , हरी पत्तेदार सब्जियाँ आदि विटामिन ” A ” वाली चीजें भोजन में शामिल करनी चाहिए। विटामिन ” A ” आँखों के लिए बहुत जरुरी होता है।
—  सुबह खाली पेट आधा चम्मच ताजा मक्खन , आधा चम्मच पिसी हुई मिश्री और चौथाई चम्मच पिसी हुई काली मिर्च मिलाकर खा लें। इसके बाद कच्चे नारियल का एक टुकड़ा खा लें। फिर बारीक सौंफ आधा चम्मच खा लें। ये प्रयोग दो महीने लगातार करने से ऑंखें सुन्दर, स्वस्थ और तेज हो जाती है।
—  सुबह देर तक सोना और रात को देर तक जागना दोनों ही आँखों पर तनाव पैदा करते है। इससे आँखों का नूर चला जाता है और आँखें रूखी और बेजान नजर आने लगती है।
—  तेज मिर्च मसाले वाले , तले हुए , खट्टे , बासी भोजन से आँखें कमजोर होती है। इन्हे कम ही लेना चाहिए।
—  सुबह सूर्योदय से पहले नंगे पैर घास पर कुछ देर चलने से आँखों को ताजगी मिलती है। क्योंकि सुबह घास पर रात भर गिरी ओस की नमी होती है जो शरीर की गर्मी शांत करती है और नेत्र ज्योति बढाती है।
—  स्कूटर , बाइक या दूसरे वाहन के उपयोग के समय जिन पर तेज हवा लगती है आँखों के बचाव का विशेष ध्यान रखना चाहिए। तेज हवा आँखों के लिए नुकसान देह होती है।
—  ऋतुचर्या  यानि मौसम के हिसाब से खान पान व दिनचर्या में बदलाव का ध्यान रखें। अन्यथा आँखों पर असर पड़ता है।
—  लेटकर बुक्स पढ़ने से या मोबाइल लैपटॉप आदि पर काम करने से आँखों पर दबाव बढ़ जाता है। अतः ऐसा ना करें।
—  आँखों से कम दिखाई दे या लगातार सिरदर्द हो तो और चश्मे की जरुरत हो तो जरूर लगाएं।
—  पानी पर्याप्त मात्रा में पिएँ।


आँखों के सभी रोगों के लिये रामबाण तुल्य है देशी गाय का मुत्र आठ तह कपड़े से छानकर दो दो बुंन्द सुबह शाम व सुबह की बासी लार नियमित रूप से काजल की तरहः। लगाए


जो इंसान सुबह की बासी लार आंखों में काजल की तरहः लगाता है उसे नयन के कोई रोग नही होता है


नयन रोग  हेतु :- सफेद प्याज का रस,बेदाना निम्बू का रस,गौमुत्र व गुलाब जल एक एक चम्मच व शुद्ध शहद चार चम्मच मिलाकर काँच की बोतल में सुरक्षित रखें व इसकी 2 2 बुंन्द नयन के सभी रोग हेतु उपयोग करें


 


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