राम मंदिर निर्माण की तारीख पर आज लगेगी विहिप की मुहर, केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक जारी

अयोध्या/प्रयागराज. अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की तिथि पर आज माघ मेले 2020 में मुहर लग सकती है। प्रयागराज में विहिप के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक शुरू हो चुकी है। इस दौरान प्रमुख रूप से राम मंदिर मॉडल पर ही निर्माण करवाने और अयोध्या की न्यास कार्यशाला में तराशे गए पत्थरों का उपयोग करने का मुद्दा उठेगा। बैठक में पारित किए जाने वाले प्रस्ताव मंगलवार को संत सम्मेलन में रखे जाएंगे। 


विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के प्रांतीय प्रवक्ता शरद शर्मा ने कहा- संतों की राय है कि राम मंदिर के ट्रस्ट का ऐलान जल्द किया जाए। जिससे राम मंदिर के निर्माण का काम रामनवमी से शुरू किया जा सके। उन्होंने बताया कि राम जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने जोर देकर कहा है कि जिस मंदिर माॅडल के लिए लाखों राम भक्तों ने शिलापूजन किया। शिलाओं का अयोध्या पहुंचाया, उनकी भावनाओं को मंदिर से जोड़ने के लिए प्रस्तावित मॉडल में बिना किसी बदलाव किए हुए राम मंदिर का निर्माण किया जाए। इसके परिसर का व्यापक विस्तार भी किया जाए। जिससे यह विश्व का अद्भुत मंदिर बन सके।


बैठक में उठे ये चार प्रस्ताव- 



  • विहिप के मॉडल की तर्ज पर अयोध्या में बने भव्य राम मंदिर। 

  • राम जन्मभूमि न्यास को मंदिर निर्माण की जिम्मेदारी सौंपे जाए। 

  • केंद्र सरकार द्वारा लाए गए सीएए कानून का भी प्रस्ताव लाया गया। 

  • पारिवारिक विघटन रोकने को लेकर भी प्रस्ताव रखा गया। 


केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल में 200 सदस्य


केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल में करीब 200 प्रमुख संत और विहिप पदाधिकारी शामिल हैं। इस बैठक में अयोध्या के महंत नृत्य गोपाल दास, महंत सुरेश दास, संत समिति के अध्यक्ष महंत कन्हैया दास, महंत राम शरण दास समेत तमाम संत शामिल हैं। 


यह है बैठक का एजेंडा
राम मंदिर निर्माण में संतों और विहिप की भूमिका, कश्मीर में धारा 370 की समाप्ति, एनआरसी, सीएए, गंगा की अविरलता ,जनसंख्या, हिंदुत्व के अन्य मुद्दे बैठक के एजेंडे में शामिल हैं। विहिप के अंतरराष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय, राजेंद्र सिंह पंकज, दिनेश चंद्र, अशोक कोकजे, मिलिंद परांडे, अशोक तिवारी आदि प्रयागराज पहुंच चुके हैं।


राम नवमी के पहले गांव-गांव में राम महोत्सव 
शरद शर्मा ने बताया कि राम नवमी से मंदिर निर्माण की मंशा को जताने के लिए 28 मार्च से ही देश भर के उन गांवों में राम महोत्सव का आयोजन होगा। जहां से रामशिलाओं का पूजन हुआ था। ऐसे गांवों की संख्या करीब ढाई लाख है। राम महोत्सव में भजन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड का पाठ, मंदिर को लेकर अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। संतों के प्रवचन और प्रवास के कार्यक्रम बनेंगे। इस साल के राम महोत्सव के कार्यक्रम को अंतिम रूप केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक और 21 जनवरी को प्रयागराज के माघ मेला के अवसर पर होने वाले संत सम्मेलन में दिया जाएगा।