सी ए ए और एन आर सी के विरोध में भारत बंद केवल मुस्लिम इलाकों तक सिमटा

 नई दिल्ली। सी ए ए और एन आर सी के विरोध में बहुजन क्रांति मोर्चा का भारत बंद  केवल मुस्लिम इलाकों तक सिमट कर रह गया। हालांकि इसे लेकर सभी राज्यों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट था। 


लखनऊ में बंद का असर बिल्कुल भी नहीं देखने को मिला जबकि उत्तर प्रदेश के कई जिलों में प्रमुख बाजार की कुछ दुकानें बंद रहीं तो कहीं खुली रहीं।अयोध्या जिले में बहुजन मुक्ति मोर्चा ने भारत बंद का आह्वान किया था। जिसके कारण जिले में बुधवार को मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में बंद का असर दिखा और दुकानें बंद रहीं। शहर के रुदौली व भदरसा क्षेत्रों में बंद का असर दिखा। इसी तरह बलरामपुर के झारखंडी रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोकने का प्रयास किया। मुस्लिम समाज की दुकानें व सब्जी मंडी भी बंद रही।


सीएए, एनआरसी और ईवीएम के विरोध में बहुजन क्रांति मोर्चा की ओर से तथाकथित बंद को लेकर मेरठ में मिलाजुला असर रहा। शहर के हापुड़ अड्डा स्थित भगत सिंह मार्केट में बंद के आह्वान पर एक वर्ग ने दुकानें बंद कर रखी हैं। शहर के अन्य स्थानों पर बंद बेअसर नजर आ रहा है। 


पुणे में सीएए और एनआरसी के खिलाफ बुलाए गए भारत बंद के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुणे पुलिस ने बताया कि अबतक 250 से ज्यादा दर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है।


मुंबई में कई ट्रेनें रोकी गईं, ठाणे में कोई असर नहीं


संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) के खिलाफ कुछ संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद के तहत कांजुरमार्ग स्टेशन पर पटरियों पर विरोध प्रदर्शन के कारण बुधवार सुबह मुंबई में मध्य रेलवे (सीआर) की उपनगरीय रेल सेवाएं कुछ हद तक प्रभावित हुईं। पुलिस ने बताया कि कम से कम 100 प्रदर्शनकारी सुबह आठ बजे रेलवे स्टेशन की पटरियों पर जमा हो गए और सीएसएमटी की ओर जाने वाली धीमी गति की कई ट्रेनों को रोक दिया।


नई दिल्ली में जंतर-मंतर तक सिमटा विरोध प्रदर्शन


जंतर-मंतर पर कार्यकर्ता तपन बोस ने कहा कि पाकिस्तान कोई दुश्मन देश नहीं है, भारत और पाकिस्तान का शासक वर्ग एक जैसा है। हमारी सेनाएं भी एक जैसी हैं, उनकी सेना अपने लोगों को मारती है और हमारी सेना हमारे लोगों को मारती है, उनमें कोई अंतर नहीं है।



 


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