एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, इसलिए संकटमोचक पर छाए संकट के बादल

 नई दिल्ली। बजट 2020 में केंद्र सरकार ने एलान किया है कि वो भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की अपनी हिस्सेदारी बेचेगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आईपीओ के माध्यम से सबसे बड़ी बीमा कंपनी एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि एलआईसी का आईपीओ लाया जाएगा। सरकार एलआईसी में अपनी हिस्सेदारी बेचेगी। 










क्या है आईपीओ?
जब भी कोई कंपनी या सरकार पहली बार आम लोगों के सामने कुछ शेयर बेचने का प्रस्ताव रखती है तो इस प्रक्रिया को प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश (आईपीओ) कहा जाता है। मतलब एलआईसी के आईपीओ को सरकार आम लोगों के लिए बाजार में रखेगी। इसके बाद लोग एलआईसी में शेयर के जरिए हिस्सेदारी खरीद सकेंगे।

एलआईसी एक्ट में करना होगा संशोधन
आईपीओ के लिए सरकार को एलआईसी एक्ट में संशोधन करना होगा। एलआईसी की निगरानी फिलहाल इंश्योरेंस रेग्युलेटरी डिवेलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (आईआरडीएआई) करती है लेकिन इसका नियमन एलआईसी एक्ट 1956 के जरिए होता है। 






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