तिब्बत व कैलाश के लिए खड़ा करना होगा बड़ा जनांदोलन: कप्तान सिंह सोलंकी



नई  दिल्ली 16 अप्रैल 2022।

चीन द्वारा तिब्बत की संस्कृति और सभ्यता को मिटाने का जो कुचक्र रचा जा रहा है उसके खिलाफ भारत सहित समूचे विश्व को एकजुट होना पड़ेगा और चीन की विस्तारवादी दमनकारी नीति का विरोध करना पड़ेगा। कैलाश की मुक्ति और तिब्बत की आजादी के


लिए सारे देश में एक बड़ा जन आंदोलन खड़ा करना होगा और इस जन आंदोलन के लिए  युवा शक्ति को आगे आना होगा। उपरोक्त विचार भारत तिब्बत समन्वय संघ के केंद्रीय संरक्षक व पूर्व राज्यपाल प्रो कप्तान सिंह सोलंकी ने व्यक्त किए।

श्री सोलंकी दिल्ली के हरियाणा सदन में भारत तिब्बत समन्वय संघ के दिल्ली, हरियाणा, उत्तराखंड, ब्रज, मेरठ व जयपुर प्रांत के अध्यक्ष व महामंत्रियों के साथ आयोजित बैठक के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

बैठक के प्रारंभ में इटको ऑफिस से आए श्री तेनजिन जारडिन ने प्रमुख पदाधिकारियों को तिब्बती खतका वह साहित्य भेंट कर उनका अभिनंदन किया।

श्री सोलंकी ने कहा कि चीन ने तिब्बत के प्राकृतिक संसाधनों व जल स्रोतों पर कब्जा करके जिस प्रकार अनियमित दोहन कर रहा है, वह आने वाले समय में विश्व के लिए एक बड़ी चुनौती बन कर विस्फोट करेगा। उन्होंने कहा कि कैलाश मुक्ति के लिए दुनिया में जिस तेजी से यह संगठन बढ़ा है, वह वास्तव में शिव की कृपा ही है। उपस्थित कार्यकर्ताओं से संगठन को जिला व तहसील स्तर पर भी इकाई खड़ी करने का आह्वान उन्होंने किया।

इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. प्रयाग दत्त जुयाल ने कहा कि चीन अपने विस्तारवादी एजेंडे के कारण ही तिब्बत में मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है। वह निर्दोष तिब्बतियों की हत्या कर रहा है। वह तिब्बती लड़कियों से चीनी लड़कों की जबरन शादी करा कर आने वाली नस्लों को ही वहां से खत्म करने पर तुला है।  श्री जुयाल ने कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि तिब्बत की आजादी की लड़ाई केवल तिब्बत के लिए नहीं भारत की सुरक्षा के लिए भी आवश्यक है। भारत को बचाने के लिए तिब्बत को आजाद कराना आवश्यक है।

 इस अवसर पर सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता व सामाजिक कार्यकर्ता सुबुही खान ने भारत तिब्बत समन्वय संघ के केंद्रीय परामर्शदात्री समिति का सदस्य बनाया गया। इस अवसर पर श्रीमती सुबही खान ने कहा कि वह तिब्बत और कैलाश की आजादी के लिए प्राण प्रण से जुटेंगी और इसके लिए वे युवाओं की एक बड़ी सेना तैयार करेंगी। जो आंदोलन को परिणाम तक पहुंचाने के लिए सहयोगी सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि ज्योतिर्विदों के अनुसार अब समय आ गया है कि सारे सकारात्मक प्रयास एकसाथ हो जाएं तो तिब्बत स्वतंत्र हो सकता है।

संघ के केंद्रीय संयोजक श्री हेमेंद्र तोमर ने कहा कि डोकलाम से लेकर गलवान तक मुंह की खाने के बाद भी चीन अपनी हरकत से बाज नहीं आ रहा है उसको सबक सिखाना जरूरी है।

इस अवसर पर राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एयर वाइस मार्शल ओपी तिवारी ने कहा कि सन 1962 में भी सेना चीन से न हारती लेकिन राजनीतिक स्तर पर जो प्रयास थे वह किए ही नहीं गए। उपाध्यक्ष व रॉ के पूर्व खुफिया अधिकारी श्री एन के सूद, राष्ट्रीय महामंत्री डॉ अरविंद केसरी व श्री विजय मान, राष्ट्रीय मंत्री श्री बी आर कुकरेती एवं श्री नरेन्द्र चौहान, राष्ट्रीय सह मंत्री श्री अवधेश कुमार, क्षेत्रीय संगठन मंत्री श्री दिनेश भाटी व श्री मोहन भट्ट, पश्चिमी उत्तर प्रदेश क्षेत्र संयोजक श्री राकेश गुप्ता, पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र संयोजक श्री राम कुमार सिंह, दिल्ली प्रांत अध्यक्ष श्री सोनपाल शर्मा,  दिल्ली प्रांत महिला अध्यक्ष श्रीमती संध्या सिंह, हरियाणा प्रांत महामंत्री श्री फकीर चंद चौहान, हरियाणा प्रांत महिला अध्यक्ष डॉ० रुकमेश चौहान, मेरठ प्रांत अध्यक्ष श्री ललित अग्रवाल, उत्तराखंड प्रांत महामंत्री श्री मनोज गहतोड़ी, ब्रज प्रांत अध्यक्ष श्री विश्वास शर्मा व महामंत्री श्री विजय मोहन गुप्ता, जयपुर प्रांत अध्यक्ष श्री सूर्यवीर सिंह व महामंत्री श्री मयंक त्यागी आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

इस अवसर पर सभी कार्यकर्ताओं को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया साथ ही कई पुस्तकों का भी विमोचन हुआ।

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